सूत्र सेवा की बसें नहीं चलने दे रहे प्रायवेट बस ऑपरेटर

0
सूत्र सेवा की बसें नहीं चलने दे रहे प्रायवेट बस ऑपरेटर

डर है कहीं उनकी हड़ताल की हवा न निकल जाए

नियम कानूनों की आड़ में बीसीएलएल पर दवाब बना रहे

जनता की परेशानियों को दूर करने शुरू की गईं सूत्र सेवा की बसें नहीं चलने दे रहे प्रायवेट बस ऑपरेटर। क्यों कि इन्हें डर है, इन बसों के सडक़ों पर दौडऩे से कहीं उनकी हड़ताल की हवा न निकल जाए। यही वजह है कि ये लोग अब नियम कानूनों की आड़ में बीसीएलएल पर दवाब बना रहे हैं। ताकि वो भी बसों को बंद करके प्रायवेट बस ऑपरेटरों के हाथ का खिलौना बन जाए। हालांकि कुछ गलतियां बीसीएलएल की ओर से भी हुई हैं, उनकी जांच भी जरूरी है।

भोपाल से आकाश मोदी की रिपोर्ट
भोपाल। यात्री बसों को बंद हुए तीन माह बीत चुके हैं। आम आदमी जरूरी काम से भी सफर नहीं कर पा रहा है। वो सरकार से मांग कर रहा है कि अनलॉक के चलते बसों का परिचालन शुरू कराया जाए। जबकि प्रायवेट बस ऑपरेटर जन दवाब को अपने पक्ष में भनाना चाहता है। उसकी शर्त है कि यदि बसें चलवानी हैं तो हमारे टैक्स माफ करो और किराया दुगना वसूलने की छूट दो।

Click Here – To Like And Follow Our FaceBook Page

सरकार की परेशानी है कि इनकी मांगें मानने पर खजाने पर बोझ बढ़ेगा। वहीं जनता की नाराजगी भी बढ़ेगी। इसका एक तरीका निकाला गया। सूत्र सेवा के तहत पहली बार भोपाल से बैतूल के बीच पहली बस चलाई गई। लेकिन संचालक बीसीएलएल यहां पर दो गलती कर गई। पहली ये कि बस तयशुदा समय पर नहीं भेजी गई। नतीजतन सवारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ गया।

दूसरी गलती ये कि जो बस रवाना की गई, उसके कागजातों की तस्दीक नहीं की गई। नतीजा ये निकला कि प्रायवेट बस परिचालकों को आपत्ति लगाने का मौका मिला। फलस्वरूप एक बस आरटीओ द्वारा खड़ी करा ली गई। अब जांच का बिषय ये है कि कहीं ये गलतियां भी प्रायवेट बस ऑपरेटरों के इशारे पर तो नहीं की गईं। ताकि सूत्र सेवा की बसों को भी विवादित बना कर बंद कराया जा सके। ताकि सरकार पर दवाब बना कर अपनी मांगें मनवाई जा सकें।

Read This Also –

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here