10वीं और 12वीं में किताबों का बोझ एक चौथाई कम होगा

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10वीं और 12वीं में किताबों का बोझ एक चौथाई कम होगा

CISCE द्वारा शैक्षणिक नुकसान की भरपायी का प्रयास

काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन द्वारा एक नया फैसला लिया गया है। इस नए फैसले के मुताबिक अब 10वीं और 12वीं में किताबों का बोझ एक चौथाई कम होगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसा सीआईएससीई (CISCE) द्वारा शैक्षणिक नुकसान की भरपायी का प्रयास करने के चलते किया गया है। ज्ञात ही है कि लॉक डाऊन (Lockdown) के चलते पिछले तीन महीने से सभी स्कूल बंद बने रहे। नतीजतन विद्यार्थियों की ठीक से पढ़ाई तक नहीं हो पाई।

भोपाल। काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन की ओर से 10वीं और 12वीं क्लास के छात्रों का बोझ कम किया जा रहा है। सीआईएससीई CISCE ने कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर छात्रों के शैक्षिक नुकसान की भरपाई करने का फैसला लिया है। इस निर्णय के चलते मुख्य विषयों के सिलेबस में 25 फीसद की कटौती होगी।

मौजूदा सत्र 2020-21 के दौरान पढ़ाई के घंटे में हुए नुकसान की भरपाई के लिए यह फैसला लिया गया है। बयान में कहा गया है कि लॉकडाउन की वजह से पिछले तीन महीनों तक देश भर में स्कूल बंद रहे हैं। हालांकि सीआईएससीई CISCE से संबद्घ स्कूलों ने ऑनलाइन क्लासों के माध्यम से पढऩे-पढ़ाने की प्रक्रिया को जारी रखने की कोशिश की है।

लेकिन शैक्षिक साल की अवधि में काफी कमी हुई है और पढ़ाई के घंटे भी कम हुए हैं। सीआईएससीई CISCE ने कोविड-19 के बढ़ते हुए मामले को देखते हुए 10वीं और 12वीं की बची हुई परीक्षा को भी रद्द कर दिया है। छात्रों को अगली क्लास में प्रमोट करने के लिए एक पासिंग फार्मूला अपनाया गया है।

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