देवर भाभी में अवैध संबन्ध थे, इसलिए भाई ने भाई को काट दिया

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मध्य प्रदेश जबलपुर देवर भाभी अवैध संबन्ध ,

भतीजी चिल्लाई तो उसकी गर्दन भी धड़ से अलग कर डाली

जब भरोसे का कत्ल होता है तो विनाश की शुरूआत होती है। ऐसा ही मध्य प्रदेश के जबलपुर में देखने को मिला। वहां देवर भाभी में अवैध संबन्ध थे, इसलिए भाई ने भाई को काट दिया। यह सब देखकर भतीजी चिल्लाई तो उसकी गर्दन भी धड़ से अलग कर डाली। खास बात ये कि भतीजी को भी उस ताऊ के हाथों मरना पड़ा जो उसे अपनी संतान से भी ज्यादा प्यार करता था।

जबलपुर। महानगर के माढ़ोताल थाना अंतर्गत आगासौद गांव में एक व्यक्ति ने सिर्फ अपने छोटे भाई और चार साल की भतीजी की ही हत्या नहीं की थी। यहां तो रिश्ते-नाते-विश्वास और भरोसे का भी कत्ल हुआ था। सनसनीखेज वारदात में आगासौद गांव में रहने वाले 35 बर्षीय दिव्यांग सुशील गोंड और उसकी चार साल की बेटी की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या हो गई थी। पुलिस ने खुलासा किया कि हत्याकांड का आरोपी सुशील का बड़ा भाई शंकर है।

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मध्य प्रदेश के जबलपुर के एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि बड़े भाई शंकर ने अपनी पत्नी को छोटे भाई सुशील के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसलिए उसने पहले सुशील का गला काटा। उसी बीच भतीजी की नींद टूट गई, तो उसे भी मार डाला। दर्दनाक कहानी कुछ यूं है कि सुशील तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़े भाई शंकर की कोई औलाद नहीं है। वह सुशील और उसके तीन बच्चों को ही अपनी संतान की भांति देखभाल करता था।

मझला भाई विष्णु अलग रहता है। उसकी चार बेटियां हैं। तीन की शादी हो चुकी है। वारदात वाली रात सुशील की पत्नी एक बेटे और एक बेटी के साथ ननद के यहां शादी में शामिल होने चली गई थी। घर पर सुशील और उसकी ही रह गए थे। पुलिस की मानें तो पहले भरोसा सुशील ने तोड़ा। उसने भाभी से अवैध सम्बंध बनाए। लेकिन, शंकर ने भी गलती सिर्फ छोटे भाई की मानी। उसने अपनी पत्नी को समझने या समझाने की कोशिश नहीं की।

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विश्वास टूटते ही वह गुस्से में अंधा हो गया। पलक झपकते भाई और भतीजी का गला काट दिया। एसपी के अनुसार आरोपी शंकर ने पुलिस को बताया कि उसने 29 जून की रात 9.30 बजे अपनी पत्नी को सुशील के साथ आपत्ति जनक हालत में देख लिया था। इसके बाद वह दोनों को थप्पड़ मार कर कमरे में चला गया। देर रात करीब पौने 12 बजे शंकर कुल्हाड़ी लेकर गया और झोपड़ीनुमा कमरे में सो रहे सुशील का मुंह दबाकर गले पर वार किया।

इस बीच भतीजी संजना की नींद खुल गई। उसने दादा कहकर पुकारा, तो शंकर ने उसके गले पर भी कुल्हाड़ी से वार कर मार डाला। घर जाकर उसने अपनी पत्नी को हत्या की जानकारी दी और उसे यह कहकर चुप करा दिया कि उसने मुंह खोला तो वो उसका मुंह काला करने से परहेज नहीं करेगा। लेकिन पुलिस की तेज नजरों से शंकर की संदिग्ध हरकतें छुप नहीं पायीं और वो धर लिया गया।

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