कानपुर पुलिस हत्याकांड में विकास दुबे के तीन सहायक गिरफ्तार

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कानपुर पुलिस हत्याकांड में विकास दुबे के तीन सहायक गिरफ्तार

उज्जैन पुलिस द्वारा पूछताछ, ठहरने में मदद की थी

मध्य प्रदेश की उज्जैन पुलिस ने कानपुर पुलिस हत्याकांड में विकास दुबे के तीन सहायक गिरफ्तार किए हैं। इन सभी से उज्जैन पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। इन सभी पर आरोप है कि इन लोगों ने विकास को उज्जैन में ठहरने में मदद की थी। यह भी पता चला है कि इन तीनों में से दो लोग वकील भी हैं। उन्हीं का सहारा पाकर विकास उज्जैन तक पहुंच पाया था।

उज्जैन। कानपुर शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे की गिरफ्तारी के मामले में तीन स्थानीय लोगों को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि यह तीन लोग विकास दुबे के संपर्क में थे। इसमें एक स्थानीय निवासी आनंद तिवारी शामिल है। फिलहाल, तीनों लोगों से उज्जैन पुलिस पूछताछ कर रही है। सूत्रों का कहना है कि विकास दुबे के उज्जैन पहुंचने में दो वकीलों का हाथ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इन्हीं दोनों वकीलों और आनंद तिवारी को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

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हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से इस बावत कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मालूम हो कि छह दिनों की लुकाछिपी के बाद विकास दुबे गिरफ्तार हो चुका है। लेकिन जिस तरह से उसने अपनी गिरफ्तारी के लिए महाकाल मंदिर जैसी जगह को चुना, वो उसके पीछे काम कर रहे शातिर दिमाग का सबूत है। हालांकि उसकी मां का कहना है कि वो हर साल सावन में वहां जाता रहा है। विकास दुबे को पता था कि अगर वो यूपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया, तो उसके साथ कुछ भी हो सकता है।

ऐसे में उसने जल्द से जल्द यूपी छोड़ देना ही ठीक समझा। हालांकि सूत्रों की मानें तो वो 2 जुलाई की रात की घटना के बाद 2 दिनों तक कानपुर के पास शिवली में ही छुपा रहा। लेकिन उसके बाद भाग कर फरीदाबाद चला आया। सूत्रों की मानें तो इसके बाद वो सडक़ के रास्ते ही मध्य प्रदेश के कम से कम चार जिलों को पार करता हुआ उज्जैन पहुंचा। महाकाल के समक्ष उसने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि विकास दुबे को गिरफ्तार किया गया है।

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