दिग्विजय ने विकास दुबे की गिरफ्तारी को प्रायोजित सरेंडर बताया

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दिग्विजय ने विकास दुबे की गिरफ्तारी को प्रायोजित सरेंडर बताया

कांग्रेसी नेता दिग्विजय ने विकास की गिरफ्तारी को प्रायोजित सरेंडर बताया है। कुख्यात बदमाश की गिरफ्तारी पर सपा के अखिलेश यादव ने भी सवाल उठाए हैं। बता दें कि कानपुर पुलिस हत्याकांड का आरोपी एमपी में गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं दिग्गीराजा की ओर से वरिष्ठ भाजपा नेता पर गेंगस्टर से मिली भगत के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। अभी तक विभिन्न राजनेताओं और सियासी दलों का वरदहस्त पा चुके विकास दुबे की सहज गिरफ्तारी किसी के गले नहीं उतर रही है।

नई दिल्ली। विकास दुबे की दूसरे राज्य में हुई इस अचानक गिरफ्तारी से कई सवाल उठ रहे हैं। कई विपक्षी नेताओं ने भी इसपर सवाल उठाए हैं। ट्वीट करके उसकी गिरफ्तारी को पहले से प्लान किया गया सरेंडर बताया जा रहा है। कानपुर पुलिस के आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी विकास दुबे घटना के एक हफ्ते बाद उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया है। विकास दुबे एक हफ्ते से पुलिस से छिपता फिर रहा था।

वरिष्ठ भाजपा नेता पर गेंगस्टर से मिली भगत के आरोप

कांग्रेस नेता दिग्विजिय सिंह ने गिरफ्तारी की खबर आने के बाद एक ट्वीट करते हुए इसपर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इसमें मध्य प्रदेश बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, यह तो उत्तरप्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने के लिए प्रायोजित सरेंडर लग रहा है। कांग्रेस नेता दिग्विजिय सिंह ने ने कहा की मेरी सूचना है कि मध्यप्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के सौजन्य से यह संभव हुआ है। दिग्विजय सिंह ने बिना नाम लिए मध्य प्रदेश बीजेपी के किसी वरिष्ठ नेता का नाम मामले में खींचा है।

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सपा के अखिलेश ने भी सवाल उठाए, कानपुर पुलिस हत्याकांड का आरोपी एमपी में

उनके अलावा यूपी के पूर्व मुख्य्मंत्री अखिलेश यादव ने भी दुबे की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भी एक ट्वीट करते हुए पूछा है कि यह सरेंडर है या गिरफ्तारी? उन्होंने ट्वीट कर लिखा, खबर आ रही है कि ‘कानपुर-काण्ड का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है। अगर ये सच है तो सरकार साफ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ़्तारी। साथ ही उसके मोबाइल की लोकेशन सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके।

बता दें कि विकास दुबे गुरुवार की सुबह महाकाल के उज्जैन मंदिर पहुंचा था। दावा किया जा रहा है कि लखनलाल यादव नाम के एक गार्ड ने उसे पहचान लिया, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी हो सकी। फिलहाल दुबे उज्जैन पुलिस की गिरफ्त में है। वो जब फरार था, तब भी पुलिस और सरकार के लिए सिरदर्द बना हुआ था। अब जब गिरफ्तार हो चुका है तो भी परेशानी का सबब बना हुआ है।

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