शेखर सुमन के बेटे से भी फिल्में छीनी गईं

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शेखर सुमन के बेटे से भी फिल्में छीनी गईं

परिवार न बचाता तो सुशांत से पहले वह…

मुंबई से एस.पी. गुप्ता की रिपोर्ट
मुंबई। अभिनेता शेखर सुमन ने यह खुलासा करके सभी को चौंका दिया है कि मेरे बेटे से भी फिल्में छीनी गईं थीं। उसे इतना परेशान किया गया कि वो डिप्रेशन में आ गया था। शेखर सुमन यह भी बताते हैं कि मै और मेरा पूरा परिवार उसके पीछे खड़ा नहीं होता तो, हो सकता है सुशांत से पहले मेरा बेटा नेपोटिज्म का शिकार बन जाता। शेखर सुमन का कहना है कि यहां केवल नेपोटिज्म ही नहीं है। बल्कि अंडर वल्र्ड जैसा माहौल भी है और यह माहौल उन लोगों ने बनाया है, जो फिल्म इंडस्ट्रीज में सफल हैं।

जिनके पास दौलत और शोहरत दोनोंं हैं, जिनकी फिल्में लोग बड़े चाव के साथ देखते हैं। ये बड़े डॉन हैं, फिर इनके अंडर में बहुत सारे छोटे छोटे डॉन सक्रिय हैं। ये वो लोग हैं जिनका जरा जरा सी बात पर ईगो हर्ट हो जाता है। ये सब मिलकर जिसे चाहें बर्बाद कर देते हैं। शेखर बताते हैं कि मैने हमेशा पोल खोल, मूवर्स एंड शेकर्स जैसे हल्के फुल्के शो किए। जिनमेंं मैंने बड़े लोगों के नाम लेकर बहुत सारी बातें की। परंतु वह सब किसी को हर्ट करने के लिए तो नहीं था।

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संभव है इंडस्ट्री के सो कॉल्ड बड़े लोगों का मेरी ओर से अनजाने में ईगो हर्ट हुआ और उन्होंने बदला मेरे बजाय मेरे बेटे से निकाला। शेखर का कहना है कि मैं तो अपने बेटे के खिलाफ चल रहे षडय़ंत्रों से अनजान ही बना रहता। पता तो तब लगा जब मुंबई के कुछ जाने माने डिस्ट्रीब्यूटर और फिल्मों के ट्रेड पंडितों ने मुझे इसके बारे मेंं बताया। शेखर बताते हैं कि खुलासा करने वाले वो लोग हैं जिन्हें हर बनने वाली फिल्म के वर्तमान और भविष्य के बारे में पता रहता है।

वहां कई लोगों ने मुझसे कहा कि शेखर प्रोड्यूसर्स को क्या आपके बेटे से कोई प्रॉब्लम है? कोई डायरेक्टर अगर फिल्म बनाना चाहता है तो ऊपर से ऑर्डर आ जाता है कि उसके बेटे को कास्ट नहीं करना है। शेखर ने यह कह कर तो मीडिया को चौंका ही दिया कि उनके बेटे को उसके करियर के दो तीन फिल्मों के बाद तकरीबन 14 फिल्में ऑफर की गईं थीं। लेकिन कोई ना कोई बहाना बनाकर उन फिल्मों से उसको हटा दिया गया तथा किसी और से रिप्लेस कर दिया गया।

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वजह बताई गई कि फिल्म दो तीन साल बाद बनेंगी। कुछ में कहा गया कि अभी बाकी स्टार कास्ट की डेट्स नहीं है। इस तरह से शेखर के बेटे को दो-तीन साल खाली रख दिया गया। जब वह इतने लंबे समय तक कोई फिल्म नहीं कर पाया तो यह प्रचारित कर दिया गया कि उसके बेटे में कोई कमी होगी। उसे नालायक बनाने की कोशिश इसी ग्रुपिज्म वाले लोगों ने की। उसका नतीजा रहा कि बेटा अध्ययन डिप्रेशन में आ गया। वह तो गनीमत रही कि मै और मेरा परिवार सदा उनके साथ खड़े रहे थे, वरना आज शायद अध्ययन भी सुशांत की गति प्राप्त कर जाता।

शेखर उन 14 फिल्मों के बारे में खुलासा करने से डरते दिखे। उन्होंने यह कहकर माना भी कि अभी भी इंडस्ट्री में तो उन खेमेबाज का नेक्सेस है ही। वह आगे मेरे बेटे का कैरियर और भी ज्यादा खराब कर सकते हैं। मैं तो लड़ जाऊंगा। कुछ भी कर जाऊंगा, पर हर कोई उतना हिम्मती नहीं होता। शेखर के इस कथन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बॉलीवुड में कुछ भी ठीक नहीं है और सुशांत की मौत केवल एक हादसा नहीं है। लेकिन इसके खुलासे के लिए एक उच्च स्तरीय जांच की दरकार है।

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