जनता ने बाईक चोर पकड़ कर पुलिस को सौंपे

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जनता ने बाईक चोर पकड़ कर पुलिस को सौंपे

पुलिस ने घूस लेकर सरगना को छोड़ दिया

पंचायत में मांगनी पड़ गई माफी

भरतपुर। यहा के एक गांव की जनता ने बाईक चोर पकड़ कर पुलिस को सौंपे थे। लेकिन पुलिस ने घूस लेकर चोारों के सरगना को छोड़ दिया, ऐसा ग्रामीणों का आरोप है। जब ग्रामीणों ने चक्का जाम की घोषणा कर दी तो थाना प्रभारी को पंचायत में माफी मांगनी पड़ गई। बता दें कि राजस्थान के भरतपुर में ग्रामीणों ने मोटर साइकिल चोरी करने वाले तीन चोरों को पकड़ लिया।

उनको पुलिस के हवाले भी कर दिया था। लेकिन तभी ग्रामीणों को पता चला कि चोरों के सरगना को पुलिस ने रुपये लेकर छोड़ दिया है। नाराज ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ गांव में पंचायत बुला ली। पंचायत में जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे को जाम करने की चेतावनी जारी कर दी गई। यह सुन कर पुलिस अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए।

आनन-फानन में पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पंचायत में हाथ जोडक़र ग्रामीणों से माफ़ी मांगी। साथ में आश्वासन दिया कि पुलिस को सौंपे बाइक चोरों को पुलिस जल्दी ही फरार चोर को गिरफ्तार कर लेगी। मामला भुसावर थाना इलाके के गांव पथैना का है। वहां कई बार से गांव में मोटर साइकिल चोरी की वारदातें हो रही थीं। इससे ग्रामीणों में गुस्सा व्याप्त था।

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इसी बीच गांव में मोटर साइकिल चोरी करते हुए चोर गैंग के मुखिया सहित दो अन्य चोरों को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। बाद में ग्रामीणों ने चोरों को भुसावर थाना प्रभारी राजेश खटाना के हवाले कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि थाना प्रभारी राजेश खटाना ने रुपये लेकर चोरों के सरगना को कुछ ही देर बाद छोड़ दिया।

इसका पता लगने पर गांव में पुलिस के खिलाफ पंचायत का आयोजन हुआ। उसमे सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया और जयुपर आगरा नेशनल हाईवे को जाम करने की चेतावनी जारी कर दी। ग्रामीणों के रोष, पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और नेशनल हाईवे जाम करने की चेतावनी के बाद पुलिस अधिकारियों के बीच हडक़ंप मच गया।

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जब वरिष्ठों का दवाब पड़ा तो भुसावर थाना प्रभारी राजेश खटाना गांव की पंचायत में पहुंचे। वहां उन्होंने भरी पंचायत में हाथ जोडक़र ग्रामीणों से माफ़ी मांगी और आश्वासन दिया की पुलिस जल्द ही फरार चोर को गिरफ्तार कर लेगी। वहीं भरतपुर के अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक सुरेश खींची ने बताया कि गांव वालों ने मुख्य चोर और दो उसके साथियों को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया था।

मगर मुख्य चोर थाने में पेशाब करने का बहाना कर फरार हो गया। अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। अगर इस मामले में किसी पुलिसकर्मी की गलती मिलती है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। जांच के नतीजे कुछ भी हों, लेकिन इस घटना ने यह जता दिया है कि नीयत नेक हो और लोगों में एकता हो तो गलती होने पर पुलिस को भी झुकाया जा सकता है।

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